शिवाजी महाराज की जाति क्षत्रीय ही है

https://www.bbc.com/hindi/india-37645762 BBC NEWS ARTICL 1857 की लड़ाई और सावरकर के इतिहास पर लिखनेवाले प्रोफेसर शेषराव मोरे के मुताबिक-“पहले वर्ण को व्यवसाय के तौर पर बांटा गया, पर बाद में धर्मशास्त्र में दो ही वर्ण माने गए. एक थे ब्राहमण और अन्य तीनों को एक श्रेणी में शूद्र माना गया.इसके पीछे कुछ पुराणों में बताया गया […]

संघटन की शक्ति

*”छीपा रंगारी क्षत्रिय समाज संगठन” की आवश्यकता क्यों है?*आधुनिक भौतिकवाद के अतिरेक में एवं वर्तमान राजनीतिक लोकतांत्रिक परिवेश में अनेक समाज बंधु प्रायः कहते रहते हैं कि जब वर्ण व्यवस्था प्रासंगिक नही रही, जाति व्यवस्था भी धीरे धीरे समाप्त होती दिख रही है तब *”छीपा रंगारी क्षत्रिय समाज संगठन” की आवश्यकता क्यों है?*। ऐसे बंधुओं […]

समाधान

सभी माताओं बहनों ओर मान्यवारो से निवेदन है की मुझे ओर समाज के अन्य युवाओं को समाज के इतिहास की जानकारी दी जाए । हम युवा स्पष्टीकरण चाहते है की हम कोन है , हमारा मूल क्या है ….. बोहोत से युवा गैर समझ में जी रहे है । कृपया आप सभी मान्यवर युवा प्रांतीय […]

रक्षाबंधन के दूसरे दिन मनाया जाता है भुजरिया पर्व, जानिये इसके बारे में सब कुछ

श्रावण मास की पूर्णिमा रक्षाबंधन के अगले दिन भुजरिया पर्व मनाया जाता है। यह पर्व मुख्‍य रूप से बुंदेलखंड का लोकपर्व है। अच्छी बारिश, फसल एवं सुख-समृद्धि की कामना के लिए रक्षाबंधन के दूसरे दिन भुजरिया पर्व मनाया जाता है। इसे कजलियों का पर्व भी कहते हैं। कजलियां पर्व प्रकृति प्रेम और खुशहाली से जुड़ा […]

नागपुर क्षत्रिय छिपा समाज – महिला समिति

सभी सामाजिक बन्धुओं को यथा-योग्य सप्रेम नमस्कार 🙏 दि. 4 दिसंबर 2022 को श्री संजय जी सुधाकर जी चुरहे शेष नगर, नागपूर मे मासिक सभा का आयोजन किया गया है इसमें नागपुर समिति के सभी पदाधिकारी, सलाहगार, सदस्य और सभी नागपुर निवासी सामाजिक बन्धुओं ने उपस्थित थेl नागपुर निवासी महिला समिति का गठन महाराष्ट्र प्रांतीय […]

क्षत्रिय कुलावतंस शिशोदिया वंश

छत्रपति शिवाजी महाराज प्रौढप्रताप पुरंदर क्षत्रिय कुलावतंस सिंहासनाधीश्वर महाराजाधिराज छत्रपति शिवाज़ीमहाराज़ !!!!राजाधिराज महाराज शिवराय राज श्री छत्रपतीकर्तव्यदक्ष सिंहासिनाधीश्वर छत्रपती शिवरायदुर्गपती गज अश्व पती ! सुवर्ण रत्न श्रीपती !अष्टावधान प्रेष्टीत ! अष्टप्रधान वेष्टित !राजनीती धुरंदर ! प्रौढप्रताप पुरंदर !क्षत्रिय कुलावतंस सिहासानाधीश्वर महाराजाधिराजछत्रपती शिवाजी महाराज कि जय! जन्म और वंश परिचय,प्रारम्भिक जीवन : भोंसले वंश के क्षत्रियत्व […]

इन 10 कारणों से नहीं हो सकती एक ही गोत्र में शादी, जान लें कहीं आप तो नहीं करते ये गलती

1.हिंदुओं में गोत्र का विशेष महत्व है। वेदों के अनुसार मनुष्य जाति विश्वामित्र, जमदग्नि, भारद्वाज, गौतम, अत्रि, वशिष्ठ, कश्यप और अगस्त्य जैस महान ऋषियों की वशंज हैं। 2.पौराणिक मान्यताओं के अनुसार प्रत्येक ऋषि की अपनी प्रतिष्ठा है। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति एक ही गोत्र में शादी करते हैं तो वह एक ही परिवार के […]

क्षत्रिय और राजपूत में क्या अंतर है

प्राचीन भारत का सामाजिक तानाबाना विभिन्न जातियों से बना होता था और हर जाति की अपनी भूमिका होती थी जो समाज के सभी लोगों के प्रति जिम्मेदार होती थी और समाज की शांति, सुरक्षा, आर्थिक कार्य, पथ प्रदर्शन और विकास में अपनी भूमिका निभाती थी। ये सभी जातियां मुख्य रूप से चार वर्णो के अंतर्गत […]

राजपूत का मतलब

राजपूतों के लिये यह कहा जाता है कि वह केवल राजकुल में ही पैदा हुआ होगा,इसलिये ही राजपूत नाम चला,लेकिन राजा के कुल मे तो कितने ही लोग और जातियां पैदा हुई है सभी को राजपूत कहा जाता,यह राजपूत शब्द राजकुल मे पैदा होने से नही बल्कि राजा जैसा बाना रखने और राजा जैसा धर्म […]

राजपूतों की वंशावली

चार हुतासन सों भये कुल छत्तिस वंश प्रमाण भौमवंश से धाकरे टांक नाग उनमान चौहानी चौबीस बंटि कुल बासठ वंश प्रमाण.” अर्थ:-दस सूर्य वंशीय क्षत्रिय दस चन्द्र वंशीय,बारह ऋषि वंशी एवं चार अग्नि वंशीय कुल छत्तिस क्षत्रिय वंशों का प्रमाण है,बाद में भौमवंश नागवंश क्षत्रियों को सामने करने के बाद जब चौहान वंश चौबीस अलग […]